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कुंभ अन्नदान सेवा का महत्व

आपका दान यह सुनिश्चित करता है कि इन श्रद्धालुओं को गर्म, पौष्टिक भोजन मिले, जिससे उन्हें अपनी यात्रा जारी रखने की ऊर्जा मिल सके। यह एक सेवा है जो आशीर्वाद लाती है, और आपको विशेष महा प्रसादम भी प्राप्त होगा।

इस सुनहरे अवसर को न चूकें – अभी दान करें!

अन्नदान करना केवल देने का कार्य नहीं है, बल्कि यह आपके जीवन में दिव्य आशीर्वाद को आमंत्रित करने का एक माध्यम भी है। विशेष रूप से यह महत्वपूर्ण है क्योंकि महाकुंभ मेला ठंड के महीनों में आयोजित होता है, और तीर्थयात्री कठोर परिस्थितियों का सामना करते हैं।

इसके अलावा, भक्तों के साथ श्रीकृष्ण प्रसादम बांटना भगवान के आशीर्वाद को आकर्षित करने और आपके परिवार में आनंद, सुख और सौभाग्य लाने के लिए माना जाता है। यह अभ्यास समुदाय और समानता की भावना को भी बढ़ावा देता है, जो निःस्वार्थ सेवा और दयालुता का प्रतीक है।

आज ही अन्नदान सेवा का समर्थन करें और इस पवित्र मिशन का हिस्सा बनें!

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महाकुंभ पवित्र जल: आस्था और दिव्यता का प्रतीक

महाकुंभ, भारतीय संस्कृति और आस्था का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसे दुनिया भर में श्रद्धा और भक्ति के लिए जाना जाता है। यह आयोजन हर 12 साल में गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के पवित्र संगम पर होता है। महाकुंभ का जल उन भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है, जो इसे अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं में उपयोग करते हैं।

महाकुंभ जल की महत्ता
महाकुंभ का पवित्र जल न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का माध्यम है, बल्कि इसे सकारात्मक ऊर्जा और शुभता का स्रोत भी माना जाता है। इस जल को अपने घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

कैसे संगृहीत होता है महाकुंभ जल?
महाकुंभ के दौरान, अनुभवी और पवित्र साधुओं द्वारा संगम में स्नान कर यह जल संग्रहित किया जाता है। इस प्रक्रिया में शुद्धता और श्रद्धा का पूरा ध्यान रखा जाता है। यह जल सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से पैक किया जाता है ताकि यह अपनी पवित्रता बनाए रखे।

महाकुंभ जल का उपयोग

  • पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में
  • घर की पवित्रता बनाए रखने के लिए
  • किसी भी शुभ अवसर पर छिड़काव के लिए
  • तीज-त्योहारों और विशेष अवसरों पर उपयोग के लिए
  • महाकुंभ जल क्यों महत्वपूर्ण है?
  • महाकुंभ जल केवल जल नहीं है, यह आस्था, भक्ति और दिव्यता का प्रतीक है। यह जल न केवल आपके घर को पवित्र बनाता है, बल्कि आपके मन और आत्मा को शांति प्रदान करता है।

अपनी श्रद्धा को घर लाएं
महाकुंभ पवित्र जल अब आपके लिए उपलब्ध है। इसे अपने घर लाएं और अपने जीवन में पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करें।

“महाकुंभ जल – आस्था और शुद्धता का संगम”

Participate in Maha Kumbh 2025: Feed Millions with Annadaan You can be a part of the divine Maha Kumbh Mela 2025 by supporting Annadaan, an act of offering free, nutritious meals to millions of devotees. Annadaan during this holy event promotes humility, selflessness, and fosters a sense of compassion. Maha Kumbh Mela 2025 The Maha Kumbh Mela 2025 is scheduled to take place in Prayagraj, Uttar Pradesh, from 13 January to 26 February. This year, over 40 crore devotees are expected to gather at the confluence of the sacred rivers—Ganga, Yamuna, and Saraswati—to take a holy dip and seek blessings. The Government of Uttar Pradesh is making extensive efforts to ensure the smooth execution of this massive spiritual gathering. Bharat Foundation Feeding Efforts at Maha Kumbh 2025 The Government of Uttar Pradesh has invited The Bharat Foundation to feed devotees attending the Maha Kumbh. With millions of people visiting Prayagraj during the 45-day event, our priority is to ensure no one goes hungry. Key Details Cost of Each Meal: ₹25 Daily Meals Target: 10,000 meals Total Duration: 45 Days (13 January – 26 February 2025) Location: Parade Ground (Near Hanuman Mandir), Sangam, Prayagraj Menu: Khichadi, Pulav, Jeera Rice, Theri Ghee Rice with Rajma, Chole Subji, Dal Pickle or Jaggery Significance of Annadaan During Maha Kumbh In the spiritual context of Maha Kumbh, Annadaan (food donation) is one of the most sacred forms of charity. It is believed that feeding the hungry during such a holy event multiplies blessings manifold. During the 2018-19 Kumbh Mela, Bharat Foundation successfully served over 6,00,000 meals, ensuring no devotee went without food. How You Can Help By donating just ₹25 per meal, you can help us feed a devotee and contribute to this noble cause. Your support can make a meaningful impact in fostering a sense of community and service. Let’s join hands to feed the needy and make this Maha Kumbh a spiritually fulfilling experience for all. “Be a part of this sacred journey through your generous contributions.”

महाकुंभ 2025: अन्नदान के माध्यम से पुण्य कमाएं आप महाकुंभ मेला 2025 का हिस्सा अन्नदान के माध्यम से बन सकते हैं। श्रद्धालुओं को मुफ्त और पौष्टिक भोजन प्रदान करके आप न केवल सेवा करेंगे, बल्कि दया और सामुदायिक भावना को भी बढ़ावा देंगे। महाकुंभ मेला 2025 महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा। इस बार संगम पर 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जो पवित्र स्नान करके आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भारत फाउंडेशन का अन्नदान में योगदान उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत फाउंडेशन को इस महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन प्रदान करने के लिए आमंत्रित किया है। लाखों लोगों की उपस्थिति में हमारा मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी भूखा न रहे। मुख्य जानकारी प्रत्येक भोजन की लागत: ₹25 दैनिक भोजन लक्ष्य: 10,000 भोजन कुल अवधि: 45 दिन (13 जनवरी – 26 फरवरी 2025) स्थान: परेड ग्राउंड (हनुमान मंदिर के पास), संगम, प्रयागराज भोजन सूची: खिचड़ी, पुलाव, जीरा राइस, थेरी घी राइस के साथ राजमा, छोले सब्जी, दाल अचार या गुड़ महाकुंभ में अन्नदान का महत्व महाकुंभ के अवसर पर अन्नदान को सबसे पवित्र दान माना गया है। यह विश्वास है कि इस पवित्र आयोजन के दौरान भोजन प्रदान करने से कई गुना आशीर्वाद प्राप्त होता है। 2018-19 के कुंभ मेले में, भारत फाउंडेशन ने 6 लाख से अधिक भोजन वितरित किए, जिससे श्रद्धालुओं को सेवा का अनुभव मिला। आपकी सहायता का महत्व सिर्फ ₹25 में एक भोजन उपलब्ध कराएं और इस पुण्य कार्य में योगदान दें। आपकी सहायता से लाखों श्रद्धालु इस आयोजन में भोजन का आनंद ले सकेंगे। आइए, मिलकर इस महाकुंभ को एक यादगार और आत्मीय अनुभव बनाएं। “अन्नदान: सबसे पवित्र सेवा।” आज ही सहयोग करें।